आओ मेरे नंदकिशोर।। Aavo Nandkishor

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 आओ मेरे नंदकिशोर।। Aavo Nandkishor

आओ मेरे नंदकिशोर।। Aavo Nandkishor

आओ मेरे नंदकिशोर, आओ मेरे नंदकिशोर,  

सूना पड़ा है मन-मंदिर, आओ मेरे नंदकिशोर॥


द्वार पे तेरे आँख बिछाए, कब से बैठा दास,  

तेरे चरणों की रज पाने को, तरसे मेरी आस।  

मुरली की वह मीठी तान सुनाओ मेरे चितचोर,  

सूना पड़ा है मन-मंदिर, आओ मेरे नंदकिशोर॥


माखन-मिश्री भोग लगाऊँ, तुलसी दल धर लाऊँ,  

प्रेम-सुमन की माला लेकर, तेरा रूप निहारूँ।  

राधा संग वृंदावन आओ, नाचें मन के मोर,  

सूना पड़ा है मन-मंदिर, आओ मेरे नंदकिशोर॥

आओ मेरे नंदकिशोर।। Aavo Nandkishor

संकट में जब मन घबराए, तेरा नाम सहारा,  

भवसागर की गहरी धारा में, तू ही खेवनहारा।  

हाथ पकड़ लेना गिरधारी, मैं हूँ बड़ा कमजोर,  

सूना पड़ा है मन-मंदिर, आओ मेरे नंदकिशोर॥

क्योंकि प्यारे ! आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।।



जय जय श्री राधे ।।

जय श्रीमन्नारायण ।।
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