कृष्ण प्रेम की पुकार।। Krishna Prem Ki Pukar

dhananjaymaharaj.blogspot.com
By -
0

 कृष्ण प्रेम की पुकार।। Krishna Prem Ki Pukar

कृष्ण प्रेम की पुकार।। Krishna Ki Pukar

मित्रों, भगवान श्रीकृष्ण हमारे (सनातनियों के) केवल आराध्य नहीं, अपितु प्रेम, माधुर्य और परम शरणागति के दिव्य प्रतीक हैं। उनके नाम का स्मरण हृदय में ऐसा आलोक भर देता है, जो जीवन की प्रत्येक क्षणिक पीड़ा को शांत कर देता है। प्रस्तुत शायरी में उसी अनन्य प्रेम और भक्ति-भाव का सुमधुर चित्रण किया गया है।।


शायरी:-

श्रीकृष्ण के प्रेम-सरोवर में, यह मन प्रतिपल स्नान करे।

मुरलीधर गिरिधर गोपाल, बस तेरा ही ध्यान धरे।।


तेरे नाम-स्मरण की ध्वनि जब, अंतर में मधुर बजती है।

जीवन की अँधियारी गलियों में, नव-प्रभा सी रचती है।।


राधा-सी प्रीति न माँगी, केवल तेरा सान्निध्य मिले।

तेरे श्रीचरणों की रज ही, जीवन का अनुपम फल मिले।।

कृष्ण प्रेम की पुकार।। Krishna Ki Pukar

कृष्ण-रंग में अनुरंजित होकर, मन ने यह सत्य पहचाना।

प्रेम से परे जगत में कोई, और न मंगल-महामाना।।

#श्रीकृष्ण #भक्ति #प्रेमभक्ति #कृष्णशायरी #हिंदीशायरी #भजनभाव #राधाकृष्ण #सात्त्विक_लेखन

क्योंकि प्यारे ! आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।।



जय जय श्री राधे ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।
Tags:

Post a Comment

0 Comments

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Out
Ok, Go it!