श्यामसुन्दर का सौंदर्य।।

Swami Ji Maharaj
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 श्यामसुन्दर का सौंदर्य।। Shyam Sundar Ka Saundarya.

श्यामसुन्दर का सौंदर्य।। Shyam Sundar Ka Saundarya

भूमिका:- श्यामसुन्दर श्रीकृष्ण का वह स्वरूप है, जिसमें सौंदर्य, करुणा और माधुर्य का अद्भुत समन्वय है। उनका रूप केवल नेत्रों को नहीं, अपितु आत्मा को भी आलोकित कर देता है। इस रचना में उसी सौंदर्य का मधुर वर्णन है। श्यामसुन्दर श्रीकृष्ण के सौंदर्य और माधुर्य पर आधारित यह संस्कृतनिष्ठ हिंदी शायरी मन को मोह लेने वाली रचना है।।

शायरी:-

श्यामसुन्दर का दिव्य रूप, मन को हर क्षण मोहित करे।।
उनकी छवि में ही भक्त का, अंतर सदा प्रकाशित रहे।।



नील-मेघ-सा गहन वर्ण, और अधरों पर मधुर मुस्कान।।
ऐसे श्रीकृष्ण को पाकर, धन्य हुआ यह सब स्थान।।


उनकी एक झलक से ही, तमस का अंत हो जाता है।।

भक्त-हृदय का फूल भी तब, सुगंधित हो जाता है।।

श्यामसुन्दर का सौंदर्य।। Shyam Sundar Ka Saundarya

हे श्यामसुन्दर, तेरी छवि में, अनंत माधुर्य समाया है।।

तेरे बिना यह जीवन-सर, सूना-सा बन आया है।।

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जय जय श्री राधे ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।
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