मेरे गिरधर गोपाल।। Mere Giradhar Gopal

Bhagwat Pravakta- Swami Dhananjay Maharaj
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 मेरे गिरधर गोपाल।। Mere Giradhar Gopal

मेरे गिरधर गोपाल।। Mere Giradhar Gopal

मेरे गिरधर गोपाल, तुम बिन कौन संभाले,  

टूटी हुई इस जीवन-नैया को कौन किनारे डाले॥


जब-जब जग ने मुँह मोड़ा, तूने गले लगाया,  

अँधियारे पथ पर चलने को, नाम-दीप दिखलाया।  

तेरी कृपा से खिल उठते हैं, सूखे मन के प्याले,  

टूटी हुई इस जीवन-नैया को कौन किनारे डाले॥


द्रौपदी की लाज बचाई, गज को दिया किनारा,  

सुदामा के सूने आँगन में, तूने सुख उतारा।  

मेरी भी सुन लेना मोहन, हम तेरे रखवाले,  

टूटी हुई इस जीवन-नैया को कौन किनारे डाले॥

मेरे गिरधर गोपाल।। Mere Giradhar Gopal


तेरे चरणों में रख दूँ बाबा, मन की सारी पीड़ा,  

तेरा नाम जपूँ तो मिट जाए, जन्मों-जन्मों की क्रीड़ा।  

तेरी शरण में आए हैं हम, चरण-कमल रखवाले,  

टूटी हुई इस जीवन-नैया को कौन किनारे डाले॥

क्योंकि प्यारे ! आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।।



जय जय श्री राधे ।।

जय श्रीमन्नारायण ।।
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