यशोदा मैया का लाला।। Yashoda Ka Lala.
यशोदा मैया का लाला, गोकुल का रखवाला,
माखन-चोरी करके हँसता, नटखट नंद का लाला॥
छोटी-सी कमरिया पीली, पैरों में पायल बाजे,
रेंग-रेंग कर आँगन डोले, मन में प्रेम विराजे।
देख-देख मैया बलिहारी, रूप है बड़ा निराला,
माखन-चोरी करके हँसता, नटखट नंद का लाला॥
मटकी ऊँची, हाथ हैं छोटे, फिर भी पहुँच ही जाए,
सखाओं संग बाँट के माखन, सबका मन हरषाए।
भोली मुख की चितवन देखो, जग को कर दे मतवाला,
माखन-चोरी करके हँसता, नटखट नंद का लाला॥
जिसने माखन खाया मोहन, वही जगत का स्वामी,
जिसकी लीला समझ न पाए, बड़े-बड़े ज्ञानी।
बचपन में ही ब्रह्म दिखाया, अद्भुत रूप उजाला,
माखन-चोरी करके हँसता, नटखट नंद का लाला॥
क्योंकि प्यारे ! आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।।
जय जय श्री राधे ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।

