तेरी यादों में ही मेरी हर रात कट जाता है ।।

तेरी यादों में ही मेरी हर रात कट जाता है ।। terI Yadon Me Hi Meri Har Rat Kat Jata Hai

 

जय श्रीमन्नारायण,
       प्यारे कन्हैया, प्यारे कान्हा जी !

                  मैं तुम्हें इतने प्यार से बुलाता हूँ, कभी भूलकर ही सही “आ भी जाओ प्यारे” ।।

 

जब भी कभी जिन्दगी में खुशियों की बात आती है ।
भर जाती हैं मेरी आँखें और बस तुम्हारी याद आती है ।।

 

सहूलियतों का लालच ले आया हमें आपसे दूर ।
परन्तु कन्हैया ! आपके बिना हर सहूलियत बेकार लगती है।।

 

Pyare Kanhaiya

 

तेरे साथ गुजरे लम्हे ही तो अब मेरे जीने का सहारा है ।।
तुझे क्या बताएं प्यारे ! तेरी यादों का हर हिस्सा हमें प्यारा है ।।

 

तेरी यादों में ही मेरी हर रात कट जाता है ।
न आँसू रुकते हैं और न तू आता है ।।
कुछ गुनाह किया हो तो उसकी सजा दो मुझे ।
प्यारे ! यूँ दूर जाकर मुझे अब क्यों रुलाता है ?।।

 

प्यारे ! जब से मेरी तेरे से ये दूरी हो गयी ।
जिन्दगी जीना तो जैसे एक मजबूरी हो गयी ।।
ख्वाहिशें तो पूरी हो गयी सभी संसार की ।
लेकिन प्यारे ! तेरे बिना जिन्दगी अधूरी हो गयी ।।

 

Swami Dhananjay Maharaj

 

क्योंकि प्यारे ! आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।।

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जय जय श्री राधे ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।

Swami Dhananjay Maharaj

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