आप तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे ।।

आप तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे ।। Aap To Apna Dard Ro-Rokar Sunate Rahe

 

जय श्रीमन्नारायण,
       प्यारे कन्हैया, प्यारे कान्हा जी !

                   मैं तुम्हें इतने प्यार से बुलाता हूँ, कभी भूलकर ही सही “आ भी जाओ प्यारे” ।।

 

आप तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे,
हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे,
हमें ही मिल गया खिताब-ए-बेवफा क्योंकि,
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छुपाते रहे ।

 

Bhagwan shri krishna

हमें देख कर जब आपने मुँह मोड़ लिया,
एक तसल्ली हो गयी चलो पहचानते तो हैं।
अब दर्द उठा है तो गज़ल भी है जरूरी,
पहले भी हुआ करता था इस बार बहुत है।

 

तुम कितने दूर हो मुझसे मैं कितना पास हूँ तुमसे,
तुम्हें पाना भी नामुमकिन तुम्हें खोना भी नामुमकिन।
दूरी ने कर दिया है तुझे और भी करीब,
तेरा ख़याल आ कर न जाये तो क्या करें।

 

मोहब्बत ऐसी थी कि उनको बताई न गयी,
चोट दिल पर थी इसलिए दिखाई न गयी,
चाहते नहीं थे उनसे दूर होना पर,
दूरी इतनी थी कि मिटाई न गयी।

Swami Dhananjay Maharaj

क्योंकि प्यारे ! आपके बिना हमारा कोई आस्तित्व ही नहीं बचता ।।

 

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जय जय श्री राधे ।।
जय श्रीमन्नारायण ।।

Swami Dhananjay Maharaj

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